प्राणायाम के 10 प्रकार । 10 Types of Pranayama

Surya Bhedana Pranayama in Hindi

नाड़ीसोधन प्राणायाम। Nadishodhan Pranayam in Hindi

नाड़ीसोधन प्राणायाम को अनुलोम-विलोम भी कहा जाता है। शास्त्रों में नाड़ीसोधन प्राणायाम या अनुलोम-विलोम को अमृत कहा गया है और स्वास्थ्य लाभ में इसका महत्व सबसे ज़्यदा है। इस प्राणायाम में आप बाएं नासिका छिद्र से सांस लेते हैं, सांस को रोकते हैं और फिर धीरे धीरे दाहिनी नासिका से श्वास को निकालते हैं। फिर दाहिनी नासिका से सांस लेते हैं, अपने हिसाब से सांस को रोकते हैं और धीरे धीरे बाएं नासिका से सांस को छोड़ते हैं। यह एक चक्र हुआ।  इस तरह से आप शुरुवाती समय में 5 से 10 बार करें फिर धीरे धीरे इसको बढ़ाते रहें।

नाड़ीसोधन प्राणायाम के लाभ अनेकों है जैसे  चिंता एवं तनाव कम करने में; शांति, ध्यान और एकाग्रता में; शरीर में ऊर्जा का मुक्त प्रवाह करने में; प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में ; इत्यादि।Surya Bhedana Pranayama in Hindi

 

भस्त्रिका प्राणायाम। Bhastrika pranayama in Hindi

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योग प्राणायाम कैसे करें ? स्वस्थ जीवन के लिए सरल योग प्राणायाम

Surya Bhedana Pranayama in Hindi

प्राणायाम शारीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक लाभ के लिए जाना जाता है। यह अच्छा होगा अगर आप प्राणायाम किसी विशेषज्ञ के दिशा-निर्देश में करते हैं। इससे आपको फायदे भी मिलेंगे और साथ ही साथ इसको सीख भी जायेंगे।

प्राणायाम का अभ्यास करने के लिए कुछ चीजों का ध्यान जरूर रखें। इसके लिए उचित स्थान, सही समय, अल्पाहार, सूर्य प्रकाश एवं धैर्य का होना बहुत जरूरी है।

प्राणायाम के लिए क्या जरूरी है ? What is needed for pranayama in Hindi?

Surya Bhedana Pranayama in Hindi

स्थान

प्राणायाम के लिए वह जगह उप्युक्त है जो खुला खुला हो, ध्वनि रहित और जो आपके शरीर को बाधा दें उन चीजों से मुक्त हो।

मौसम

सच तो यह है कि प्राणायाम के दौरान किसी तरह का अवरोध उत्पन्न नहीं होना चाहिए। प्राणायाम सालों भर या वसंत, ग्रीष्म , वर्षा , शरद, हेमंत, और शिशिर में किया जा सकता है। फिर भी शास्त्रों के अनुसार वसंत ऋतु ( मार्च- अप्रैल ) और पतझड़ का मौसम ( सितंबर-अक्टूबर) में प्राणायाम का शुरू करना उम्दा माना गया है।

समय

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योग: योग क्या है, योगासन क्या है ?

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योग क्या है ? What is Yoga in Hindi

योग की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘युज्’ से हुआ है, जिसका अर्थ होता है  ‘ जोड़ना ‘।  योग का उद्भव आज से करीब 5 हजार साल पहले भारत में हुआ। बहुत सारे लोग इसको सिर्फ शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं लेकिन योग दुखों एवं कष्टों से मुक्ति प्राप्त करने के लिए आत्मा एवं परमात्मा के मिलन का प्रतीक है।पाणिनी के व्याकरण के अनुसार ‘योग’ शब्‍द के तीन अर्थ हैं – मिलन (युजिर्योगे), समाधि (युज समाधौ) एवं संयम (युज संयमने)।padmasana-steps-benefits-precaution

योग शरीर का मरोड़ना एवं खींचना ही नहीं है बल्कि यह आपको एक पूर्ण जीवन शैली सिखाता है। यह मन और आत्मा के बीच का एक लिंक है।

योग एक ऐसी विद्या है जिसके मदद से आप शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ  रख सकते हैं। योग सिर्फ आपको बीमारियों से ही नहीं बचाता बल्कि शारीरिक और मानसिक स्तर पर तालमेल बैठाता है।

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योग के 26 प्रमुख आसन स्वस्थ दैनिक जीवन के लिए

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26 योग स्वस्थ जीवन के लिए। 26 yoga poses for healthy living in Hindi

 

1. ताड़ासन कद बढ़ाने के लिए

ताड़ासन का नाम ताड़ के पेड़ के नाम पर रखा गया है। इस योग के अंतिम स्थिति में शरीर ताड़ पेड़ के तरह लगता है। यह आसन आपके पेशियों और तंत्रिकाओं को फैलाता है जिसके कारण दूसरे आसन को आप आसानी से कर सकते हैं। यह आसन बच्चों के हाइट बढ़ाने के लिए बहुत लाभदायक है। और साथ ही साथ लगातार इस आसन के अभ्यास से आप अपना वजन को भी कम कर सकते हैं।

 

2. हस्‍तोत्‍तानासन कमर की चर्बी के लिए

इस आसन में हाथों को ऊपर की ओर तानते हुए फैलाया जाता है। कमर की चर्बी को कम करने के लिए यह बहुत कारगर योगासन है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और फेफड़ों से सम्बंधित बिमारियों के लिए लाभदायक है।

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बाबा रामदेव के 5 योग पेट की चर्बी और वजन कम करने के लिए

Yoga for belly fat and weight loss

पेट की चर्बी क्या है। Belly fat in Hindi

पेट की चर्बी का मतलब होता है स्किन के नीचे वसा की एक मोटी तह का जम जाना जो आसानी से नहीं हटती है। इसको हटाने के लिए बहुत सख्त व्यायाम की जरूरत पड़ती है। पेट की चर्बी बढ़ने से वजन का बढ़ना स्वभाविक है जो अपने साथ बहुत सारे परेशानियों को भी नयोता देता है। यहां पर बाबा रामदेव द्वारा कुछ सरल योग के बारे में बताया गया है जो पेट की चर्बी को कम करते हुए आपको बहुत सारी बिमारियों से बचाता है। इसमें सबसे पहले कपालभाति का जिक्र क्या जा रहा है।bhujangasan-for-steps-benefits

 

कपालभाति पेट की चर्बी के लिए। Kapalbhati for belly fat in Hindi

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