सूत्रनेति योग विधि, लाभ और सावधानी

सूत्रनेति क्या है ? Sutraneti in Hindi

‘नेति’ हठयोग की क्रिया है जो श्वास मार्ग की सफाई से संबंधित है। इसमें गले की सफाई होती है। प्राणायाम का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए पहले नेति क्रिया करनी चाहिए ताकि श्वास नली सही तरीके से साफ हो जाए। सूत्रनेति में बारीक धागा नाक के एक छेद में डाला जाता है और उसे गले के रास्ते मुंह से होते हुए बाहर खींच लिया जाता है।

 

सूत्रनेति की विधि। Sutraneti steps in Hindi

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वस्ति योग क्रिया विधि, लाभ और सावधानी

वस्ति योग क्रिया क्या है। Vasti yoga in hindi

वस्ति का अर्थ है होता है ‘उदर का निचला भाग’। वस्ति योग क्रिया में उदर के निचले भाग विशेषकर पाचन तंत्र को स्वच्छ करने के लिए प्रैक्टिस किया जाता है। यह आंतों को साफ करने का एक प्राचीन क्रिया है। वस्तिकर्म में गुदा मार्ग के द्वारा पानी या वायु को बड़ी आंत में खींचा जाता है और फिर इसको निकाल दिया जाता है। इससे बड़ी आंत के निचले हिस्से को साफ करने में मदद मिलती है।

 

वस्तिकर्म के प्रकार। Types of Vasti yoga kriya in Hindi

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वस्त्रधौति विधि, लाभ और सावधानी

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वस्त्रधौति क्या है। Vastra Dhauti in Hindi

‘वस्त्र’ का अर्थ है कपड़ा। पेट एवं भोजन नली को कपड़े से साफ करने की क्रिया वस्त्रधौति है।  वस्त्रधौति एक अत्यंत लाभकारी शोधन योग क्रिया है जो पुरे शरीर को साफ करते हुए शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता है। शरीर से हानिकारक पदार्थ को वस्त्र के मदद से निकाला जाता है।
योगिक ग्रन्थ हठप्रदीपिका में वस्त्रधौति को इस तरह से दर्शाया गया है।

चतुरङ्गुलविस्तारं हस्तपंचदशायतम्।
गुरुपदिष्टमार्गेण सिक्तं वस्त्रं शनैर्ग्रसेत्।
पुनः प्रत्याहरेच्चैतदुदितं धौतिकर्म तत्।। – ह.प्र. 2/24
गीले कपड़े की चार अंगुल (लगभग 4-5 सेंटीमीटर) चौड़ी और 15 हाथ (लगभग 6 मीटर) लंबी पट्टी को धीरे-धीरे निगला जाता है और उसके बाद बाहर निकाल लिया जाता है। इसे धौति (आंतरिक शोधन) कहते हैं।vastra -dhauti -steps-benefits

 

वस्त्रधौति की विधि। Vastra Dhauti steps in Hindi

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कुंजल विधि, लाभ और सावधानी

कुंजल क्या है। What is Kunjal in Hindi?

कुंजल संस्कृत शब्द कुंजर से निकला है जिसका मतलब होता है हाथी। इस योग क्रिया को गजकरणी या वमनधौति भी कहते हैं। जिस तरह से हाथी अपनी सूंड़ से पानी खींचता है और उसे सूंड़ से ही बाहर निकालता है और इस प्रकार शरीर को सभी रोगों से मुक्त करता है। इसी तरह जो भी शरीर के भीतर गया है, उसे बाहर निकालकर कोई भी व्यक्ति अपने शरीर को सभी प्रकार के रोगों से मुक्त रख सकता है। कुंजल क्रिया से व्यक्ति अपने शरीर को उसी प्रकार साफ कर सकता है, जैसे बर्तन को गर्म जल से साफ किया जाता है।

घेरंडसंहिता में इसे वमनधौति भी कहा जाता है। वमन का अर्थ है उल्टी करना। इसमें पित्त तथा श्लेष्म की अधिकता दूर करने के लिए कै अर्थात् उलटी की जाती है।

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कूर्मासन योग विधि, लाभ और सावधानी

कुर्मासन क्या है। Kurmasana in Hindi

कूर्मासन संस्कृत शब्द ‘कूर्म’ से निकला है जिसका अर्थ होता है कछुआ।इसलिए इस आसन को कछुआ योग भी कहते है। इस आसन के अभ्या्स से मनुष्य स्वयं को मानसिक एवं इंद्रिय आसक्तियों से उसी तरह दूर कर लेता है, जिस प्रकार कछुआ स्वयं को अपने कवच में बंद कर लेता है।

 

कुर्मासन योग की विधि। Kurmasana Steps in hindi

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