प्राणायाम करने की विधि, तरीके एवं लाभ

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प्राणायाम विधि एवं तरीके। Pranayama steps, technique in Hindi

 

तरीके प्राणायाम करने के पहले

    • प्राणायाम करने से पहले शरीर का स्वच्छ होना जरुरी है।
    • प्राणायाम स्वच्छ एवं खुले स्थान पर किया जाना चाहिए।
    • प्राणायाम ऐसे स्थान पर करना चाहिए जहां धूल, धुएं और बदबू न हो।
    • प्राणायाम समतल स्थान पर किया जाना चाहिए जहाँ पर सहजता के साथ इसका अभ्यास किया जा सके।
    • प्राणायाम सूर्य उदय से पहले या फिर सूर्यास्त के बाद किया जाना चाहिए।
    • प्राणायाम के लिए सबसे अच्छा मौसम बसंत और पतझड़ है।
    • प्राणायाम का अभ्यास खाली पेट करना चाहिए।

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प्राणायाम इन हिंदी। Pranayama in Hindi

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प्राणायम क्या है। What is pranayam in hindi

प्राणायाम प्राचीन संतों एवं साधुओं द्वारा की जाने वाली योग अभ्यास है। योग में प्राणायाम का बहुत ही ज़्यदा मह्त्व है। प्राणायाम एक तरह से सांस लेने की तकनीक है जिसमें सांस को नियमित एवं नियंत्रित किया जाता है ताकि शरीर एवं मस्तिष्क में प्राण को सक्रिय किया जा सके। प्राणायाम मानसिक एवं शरीर के अत्यंत सूक्ष्म गतिविधियों पर प्रभाव डालता है।

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योगासन विधि, प्रकार और लाभ। Yogasana Steps, Type and Benefits

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योगासन क्या है ।Yogasana meaning in Hindi

अक्सर यह देखा गया है कि योगासन को ही लोग पूरा योग मान लेते हैं। इसीसे पता चलता है की योगासन का महत्व कितना ज़्यदा है। इसका एक कारण यह भी है की प्राय लोग अपने दिनचर्या योग में केवल योगासन ही करते हैं। लेकिन योगासन को पूरा योग मानना सही नहीं है। योगासन योग का एक हिस्सा है। योग में योगासन के इलावे प्राणायाम, ध्यान एवं क्रिया का भी अहम रोल है।yogasana steps, type and benfits

 

योगासन विधि।Yogasana steps in Hindi

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प्राणायाम एवं योग आसनों का महत्व। Importance of Pranayama and Asana

दैनिक जीवन में प्राणायाम का महत्त्व ।Pranayama importance in daily life in Hindi

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्राणायाम का बहुत अधिक महत्त्व है। अगर प्राणायाम को सही तरीके से किया जाए तो आप बहुत सारे बिमारियों एवं  परेशानियों  से बच सकते हैं। यहाँ पर कुछ प्रमुख व सरल प्राणायाम के महत्त्व के बारे में बताया गया है।

  1. यह प्राणायाम आपकी जवानी को बरक़रार रखने में मदद करता है। ये पित्त को बढ़ाता है और बलगम को कम करने में बड़ी भूमिका निभाता है। ये पाचन को बढ़ाता है। इस प्राणायाम का स्वभाव गर्म है जिसके कारण पसीना बहाकर शरीर की सभी अशुद्धियों को मिटाता है, शिथिलता, गठिया और कीटाणुओं को मारता है-सूर्य भेदन प्राणायाम

bhramri pranayama importance

भ्रामरी प्राणायाम का महत्त्व 

2.यह एक ऐसी प्राणायाम है जिसके बारे में योग शास्त्रों में लिखा गया है कि इसका सही तरीके से अभ्यास करने पर मृत्यु भी जल्द नहीं आती। यह आपके आवाज को सुरीली बनाने में मदद करता है।  ये गले में श्लेषमा के विकार को ठीक करता है। शरीर की ऊर्जा को बढ़ाता है, और नाड़ि, पेट और शरीर के अंगों की रुग्णता को मिटाता है-उज्जायी प्राणायाम

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योग के 7 प्रमुख प्राणायाम और उनके लाभ । 7 Important Pranayama and Benefits

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7 सरल प्राणायाम और लाभ। 7 simple pranayama in Hindi

वैसे तो योग में प्राणायाम के बहुत सारे लाभ है। हर प्राणायाम की अपनी अलग अलग फायदे हैं। यहां पर कुल 7 प्रमुख प्राणायाम के फायदे के बारे में विस्तार से बताया गया है जो आपको बहुत सारी परेशानी एवं बीमारियों से बचाता है।

अनुलोम विलोम प्राणायाम 

इस प्राणायाम में बाएं नासिका छिद्र से सांस लिया जाता है और दाएं से छोड़ा जाता है और फिर दाएं नासिका छिद्र से सांस को भरा जाता है और बाएं से सांस को निकाला जाता है। यह एक चक्र हुआ।

लाभ

    • इस प्राणायाम के अभ्यास से मानसिक शांति, स्थिरता, ध्यान और एकाग्रता में सुधार होता है।
    • यह पूरे शरीर में ऊर्जा प्रभाव को सामान बनाए रखता है।
    • मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति बढ़ाने में मदद करता है।
    • प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्युनिटी ) को मजबूत करता है और आपको बहुत सारी बिमारियों से बचाता है।

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